ATM Full Form in Hindi | एटीएम के प्रकार – ATM कैसे काम करता हैं?

Full Form of ATM (ATM ka full form), Types of ATM in Hindi in India: ये एक मशीन होती है। जिससे आप कही भी जहा पर ये मशीन लगी होती है वह जाकर आप पैसे निकाल सकते है। आपको बैंक जाने की ज़रुरत नहीं है। हर किसी बैंक अपनी एक ATM मशीन जगह जगह पर लगा राखी है। लेकिन आप पैसे निकालने के लिए किसी भी बैंक के किसी भी ATM में जाकर पैसे निकाल सकते है। हम रोज़ाना कॅश निकालने के लिए ATM का प्रयोग करते है।

Full Form of ATM (ATM ka full form), Types of ATM in Hindi in India

एटीएम यानि स्विचलित गंणक मशीन है। एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन लोगो को पैसे निकालने में मदद करती है। इसमें किसी भी बैंक की ये फिर बैंक वाले की पैसे निकालने में जरूरत नहीं पड़ती है। आपको अपने सेविंग अकाउंट से पैसे निकालने हो या फिर बैंक में पैसे डालने हो ये इलेक्ट्रॉनिक मशीन दोनों कामो में बहुत आसानी से काम करता है। इसे रिटेल बैंकिंग के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। शुरू में इन का इस्तेमाल अमेरिका जैसे देशो में होता था। और इन्ही देशो में ये मशीन पूरी तरह से विकसित भी हुई।

ATM Ka Full Form Kya Hai

चलिए अब हम आपको बताते हैं। कि एटीएम का पूरा नाम क्या है एटीएम मशीन का पूरा नाम नहीं है। यह शॉर्ट फॉर्म के जाती है। हमने निम्नलिखित में एटीएम का नाम हिंदी इंग्लिश में दिया है।

ATM का पूरा नाम ENGLISH में :- Automated Teller Machine होता है।
ATM का पूरा नाम HINDI में :- स्विचलित गंणक मशीन होता है।

आपको हैरानी होगी की इस मशीन को अलग अलग देशो में कई और अलग नांम से बुलाया जाता है जैसे – cash point और mini bank एटीएम में क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड दोनों उपयोग होतेहै। एटीएम की और भी फुल फॉर्म है जैसे – air traffic management (यह एविएशन टर्मिनोलॉजीज़), Altamira Airport (यह एक एयरपोर्ट है जो की Altamira में स्तिथ है), Asynchronous Transfer Mode (IT सेक्टर में), Angkatan Tentera Malaysia (मलेशियन आर्म्ड फ़ोर्स), Association of Teachers of Mathematics (UK) भी है। इसे कोई भी इस्तेमाल कर सकता है। जिसके पास बैंक खाता है, इसका उपयोग पैसो के लेनदेन में होता है। ये सभी मशीन आटोमेटिक है। जिनको चलाना बहुत आसान हो चूका है। इसको चलाने के किसी बैंक कर्मचारी की जरूरत नहीं पड़ती है। यूजर इसका इस्तेमाल प्लास्टिक कार्ड के द्वारा करते है।

ATM Kya Hai in Hindi

जैसा की आप जान ही चुके होंगे ऊपर का पढ़ कर की एटीएम कैसे काम करता है? और किसलिए होता है? लेकिन मैं फिर से सही से से बताऊ तो ये एक बहुत आसान मशीन होती है। पैसे निकालने के लिए आपको पैसे निकालने के लिए बैंक नहीं जाना पड़ते है। एटीएम आपको आज के समय में करीब 3 लाख से ज़्यादा भारत में इनस्टॉल मिलेंगे। महाराष्ट्र राज्य में सबसे ज़्यादा है। देश भर में सबसे अधिक एटीएम SBI बैंक के है। जो की करीब 60 हज़ार से भी अधिक है। ये एक रोजाना कॅश निकालने में काम में आने वाली एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है। ATM पैसे निकालने का और पैसे जमा करने का दोनों काम करता है। ये रिटेल बैंकिंग की प्रक्रिया को आसान बनाता है।

ATM History in Hindi (ATM Full Form)

इस इलेक्ट्रॉनिक मशीन के इतिहास बहुत पुराना है ये तकरीबन 60 पहले से चली आ रही है। जिस मशीन को हम आज ATM इलेक्ट्रॉनिक मशीन कहते है। उसे मशीन को पहले बैंकोग्राफ कहते थे। 1961 में न्यूयोर्क में सिटी बैंक ऑफ़ न्यूयोर्क ने लोगो के लिए पैसा आसानी से निकालने के लिए एटीएम मशीन उपलब्ध करवाई थी। ये दो शहर लंदन और न्यूयोर्क ऐसी जगह है। जहा पर ATM को पहली बार उपयोग में लाया गया था। न्यूयोर्क में कुछ ऐसे भी लोग थे। जिन्हे ये सुविधा बिलकुल भी अच्छी नहीं लगी थी। और फिर वह से सिटी बैंक ऑफ़ न्यूयोर्क ने 5 से 6 महीने में एटीएम हटवा दी।

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जापान देश में 1966 में एटीएम मशीने का उपयोग होने लगा। आज के समय में जो एटीएम मशीन का प्रयोग किया जाता है। 1967 में उसको पूर्ण रूप से इस्तेमाल में लाने वाला बैंक बार्कले बैंक था। ये लंदन में था। उस समय। ATM (ऑटोमेटेड टेलर मशीन) का आविष्कार श्री जॉन शेपर्ड ने किया था। और उनके साथी इंजीनियर डे ला रूई ने दिया था। जब से लेकर आज तक ATM मशीन का उपयोग दुनिया कर रही है। भारत में सबसे पहला ATM मशीन मुंबई शहर में 1987 में HSBC बैंक का इनस्टॉल किया गया था।

Types of ATM in Hindi in India

हम आपको बताने जा रहे हैं कि एटीएम मशीन कितने प्रकार की होती हैं। इन प्रकारों का मुख्य उद्देश्य यह नहीं था कि इस में कठिनाई प्रकारों को अलग अलग करने का मुख्य उद्देश्य था। कि लोग आसानी से तथा सिक्योरिटी के साथ अपना पैसा निकाल सके।

1 ऑन साइट एटीएम (on site ATM): आपको नाम से ही समाज आ रहा होगा की जिस साइट में बैंकिंग काम हो रहा हो। उस जगह पर इस तरह के ATM का उपयोग किया जाता है। ज्यादातर ये एटीएम बैंक के अंदर लगे होते है। इसलिए ऐसे एटीएम को ऑन साइट एटीएम खा जाता है। इस प्रकार के एटीएम में से एक तरफ से ही काम किया जा सकता है।

2 ऑफ साइट एटीएम (Off site): ये इस तरह का एटीएम होता है जो बैंक परिसर से बहार लगे होते है उदाहरंण के लिए जैसे शॉपिंग माल में, किसी सरकारी कार्यालय के बीच और या फिर किसी कॉलोनी में। इस प्रकार के एटीएम में से एक तरफ से ही काम किया जा सकता है। “Types of ATM in Hindi in India”

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3 मोबाइल एटीएम (Mobile ATM): इस तरह के एटीएम को वाहन में स्थापित कर दिया जाता है। और ये वाहन ऐसी जगहों पर यात्रा करता है। जहां पर पक्के एटीएम मशीन स्थापित नहीं किये गए है। ग्रामीण जैसे इलाकों में एटीएम का इस्तेमाल ज्यादा किया जाता है। क्योंकि समय समय पर स्थापित किए गए एटीएम को निकालने की भी आवश्यकता पड़ती रहती है। क्योंकि यहां लाइट आदि की कमी रहती है।

ATM Ka Full Form Kya Hai

4 वाइट लेबल एटीएम (White Label ATM): ऐसे एटीएम को NDFC कंपनी इनस्टॉल करती है। इसके लिए एनबीएफसी कंपनी को RBI की परमिशन की जरूरत होती ह। देश की स्तिथि कण्ट्रोल करने के लिए RBI को एनबीएफसी कंपनी की जरूरत होती है । इसलिए एनबीएफसी कंपनी को RBI इज़ाज़त देती है।

5 ग्रीन लेबल एटीएम (Green Label ATM): इस तरह के एटीएम एग्रीकल्चर से जुड़े होते है। ग्रामीण इलाको में GREEN LABEL ATM का उपयोग किन्तु आज के समय में इनका उपयोग भारत में नहीं के बारबार होता है।क्योंकि आज का किसान भाई भी अपना खाता सार्वजनिक बैंकों में ही खुलवाते हैं।

6 ब्राउन लेबल एटीएम (Brown Label ATM): जब भी कभी थर्ड पार्टी कंपनी किसी भी एटीएम को इनस्टॉल करती है। उस एटीएम की देख रेख वो खुद ही करते है। हुए ऐसे एटीएम को ब्राउन लेबल एटीएम कहता है। ऐसे एटीएम में बैंक का सिर्फ कॅश और बैंक अवेर्तिसेमेन्ट होता है। बाकी सभी खर्च जैसे कि देखने थर्ड पार्टी की करती है। जो उस एटीएम को अपने स्थान पर लगाती है। या किसी अन्य स्थान पर लगवाती है।

ATM Ka Full Form Kya Hai

7 ऑरेंज लेबल एटीएम (Orange Label ATM): इस तरह एटीएम शेयर के ट्रांसक्शन्स के लिए होते है। इनमे आप सिर्फ शेयर्स से जुड़े कामो को कर सकते है। शेयर से जुड़ा पैसा ही निकालना डाल सकते हैं। इसके साथ ही अन्य कोई काम या अन्य कोई पैसा ना तो निकाल सकते हैं। शेयर से संबंधित सभी खाते हैं। इस एटीएम में प्रयोग किए जाते हैं।

8 येलो लेबल एटीएम (Yellow Label ATM): इस तरह के एटीएम को ऑनलाइन या फिर इ कॉमर्स में लेन देन में लाया जाता है।इस प्रकार के एटीएम में आप सभी ऑनलाइन काम है कि नेटवर्क नेट वर्किंग या फिर इंटरनेट बैंकिंग के जितने भी काम होते हैं। उन सभी का उपयोग इन सभी एटीएम के द्वारा किया जाता है। ऐसा नहीं है कि आप इंटरनेट बैंकिंग का पैसा किसी और से नहीं निकाल सकते है। आप अन्य किसी भी एटीएम से पैसा निकाल सकते है।

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9 पिंक लेबल एटीएम (Pink Label ATM): पिंक लेबल एटीएम का उपयोग मुख्या महिला बैंकिंग में किया जाता है। परंतु इस प्रकार के एडीएम का प्रयोग बहुत कमी से होता है। भारतवर्ष में इस ए टी एम का प्रयोग शायद कहि नहीं होता वह ऐसा माना जाता है। कि अब तक इस प्रकार के एटीएम का प्रयोग भारत में कहीं भी नहीं किया गया है। क्योंकि भारत में कोई भी बैंक केवल महिलाओं के लिए नहीं है। सभी बैंक सार्वजनिक हैं। शायद यही कारण है कि इस प्रकार के एटीएम का प्रयोग भारत में अभी तक कहि नहीं किया गया है। “Full Form of ATM (ATM ka full form), Types of ATM in Hindi in India”

Types Of ATM Machine (ATM Full Form in Hindi)

1- Input device (इनपुट डिवाइस)

CARD READER – एक एटीएम कार्ड के अंदर की कार्ड रीडर की अहम् भूमिका निभाता है। ये कार्ड खाते की जानकारी और वेरिफिकेशन करता है। कार्ड रीडर एटीएम कार्ड की जानकारी सर्वर को भेजता है जिससे आदेशों के आधार पर लेन दें आसान हो जाए।

2- Output device (आउटपुट डिवाइस)

KEYPAD – ये आपके सारे इंस्ट्रक्शन को समझता है। और फिर काम करता है। इसपर आप पिन कैंसिल , क्लियर ,एंटर आदि दबाकर इंस्ट्रक्शन देते है। कार्ड के जरिये आप कितना कॅश निकालना चाहते है। उसके लिए आप कीपैड का इस्तेमाल करते है।

SCREEN – ये आपको बताती है की पैसे का लेन से सफलता पूर्वक हुआ या नहीं आप स्क्रीन पर खाता धारक का नाम, उपलब्ध पैसे, अकाउंट नो. आदि देखते है।

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CASH DISPENCER – इसका इस्तेमाल नकदी निकालने के लिए होता है। ये एक बहुत महत्वपूर्ण आउट पूट है।

RECEIPT PRINTER – अगर आपने नकदी का लेन देन किया है। तो उसकी स्लिप भी लेनी चाहिए। ये आउट पुट आपको लेन देन के सम्भोदित एक स्लिप प्रदान करता है। इस स्लिप में शेष राशि, दिनाक, स्थान सब शामिल होता है।

How Does ATM Works in Hindi

जैसे कि आप सभी जानते हैं कि एटीएम मशीन से पैसे निकालने के लिए आपको एक कार्ड की आवश्यकता पड़ती है। जो कि बैंक के माध्यम से ही मिलता है। इस कार्ड में एक मैग्नेटिक स्ट्रिप लगी होती है। जहां पर बूथ संख्या के माध्यम से कोड के रूप में पहचान कोड लिखा होता है। वह मशीन इस कार्ड में से उसको पढ़ लेती है। जिसकी पहचान ग्राहक के खाते की जानकारी के पास पहुंच आती है। कुछ पहचान के माध्यम से होस्ट प्रोसेस्सर एटीएम मशीन को पैसे निकालने की आदेश देता है। मशीन ग्राहक को पैसे दे देती है। यह सभी प्रक्रिया होस्ट प्रोसेस्सर और डाटा टर्मिनल के माध्यम से होती है। “Full Form of ATM (ATM ka full form), Types of ATM in Hindi in India”

ATM Se Paise Kaise Nikale

सबसे पहले आपको एटीएम मशीन के अंदर अपना कार्ड को स्वाइप करना होता है। एटीएम मशीन के अंदर कार्ड स्वाइप करने का एक स्थान होता है। वहां आपको अपना कार्ड डालना होता है। इसके बाद आपको वहीं पर ही बटन पर अपना एटीएम पासवर्ड डालना होता है। जिसके बाद यदि मशीन में आपका पासवर्ड सही होगा तो मैं स्वीकार कर लेंगे। उसके पश्चात आपको जितनी राशि निकालना है। वह बटन के माध्यम से एटीएम मशीन में ही लगे हुए हो के माध्यम से अपनी निकालने वाली राशि को देना है। इसके पश्चात यदि आपका कार्ड तथा पासवर्ड ठीक होगा तब आपके द्वारा लिखी गई राशि एटीएम में से राशि निकलने के स्थान से बाहर आ जाएगी। आपको राशि निकाल लेने के बाद कैंसिल के बटन पर क्लिक कर देना है तथा अपने कार्ड को वापिस निकाल लेना है। “Types of ATM in Hindi in India”

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Note – एटीएम मशीन से पैसे निकालने के बाद वहां से आपको एक स्लिप मिलेगी उस दिन इसमें से आप अपना सभी डाटा दे सकते हैं। उस स्लिप को अपने साथ अवश्य लाएं वहीं पर ना फेके। आपके साथ यदि कोई दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। अब इस स्लिप के माध्यम से आप साबित कर पाएंगे कि आपने कब-कब अपने एटीएम कार्ड को से सक्रिय किया है।

// Conclusion //

दोस्तों इस पोस्ट के माध्यम से हमने आपको एटीएम मशीन से संबंधित “Full Form of ATM (ATM ka full form), Types of ATM in Hindi in India” अधिक से अधिक जानकारी देने की कोशिश की है। यदि इसके अतिरिक्त आप कोई जानकारी लेना चाहते हैं। तब आप हमारे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं। हम हमेशा आपकी सेवा में कार्यरत हैं इसके अतिरिक्त अब हमारी वेबसाइट को अन्य सभी जानकारी लेने के लिए बुकमार्क भी कर सकते हैं।

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